सोमवार, 26 जनवरी 2009

गणतंत्र दिवस पर

देश में आज ये कैसा मंज़र है
चारो तरफ रेगिस्तान ओर ज़मीं बंज़र है
दुश्मनों की बात तो छोडिये जनाब
दोस्तों के हाथो में भी अब खंज़र है।

1 टिप्पणी:

Harkirat Haqeer ने कहा…

दुश्मनों की बात तो छोडिये जनाब
दोस्तों के हाथो में भी अब खंज़र है....

Bhot khoob Amitabh ji.....! kum sabdon me bhot gahri bat.....!