रविवार, 1 फ़रवरी 2009

इन्तजार

जीवन में
यदि पाया तो
खोने से क्यों डरे?
हर चीज लौट कर
आती है
अगर सिर्फ
इन्तजार करे।

2 टिप्‍पणियां:

विनय ने कहा…

ये कविता है तो ठीक है, अक्सर नहीं भी होता है

सुशील कुमार छौक्कर ने कहा…

कई बार इंतजार बहुत लम्बा हो जाता है। और फिर उसका अर्थ खो सा जाता है।